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मन की बात

मन की चाहत

जब मैं दिल्ली में था,काफी ज्यादा पीड़ित हो गया था,

मन हमेशा व्याकुल सा रहता था,वहाँ का वातावरण भी खराब हो गया हैं जिसके कारण लोगों को काफी मुसीबत का समाना करना पड़ा, क्योंकि जीवन जीने के लिए खुशी का बहुत महत्व है,तनाव में रहकर जीवन नही जिया जा सकता है,जीवन जीने के लिए खुले गगन ,खुले हवाओं झोंका चाहिए यही तो जीवन है,जीवन एक अनमोल है इसे सही तरीके जीये,

श्रावण घेर रहा है ,धरती पर बरस रहा है,गगन अंधकार में घुल रहा है,उन दिनों में धान की रोपाई आरंभ हो जाता है क्योंकि धान रोपाई के लिए अधिक पानी की ज़रूरत पड़ता है इसीलिए बरसात होने पर ही धान की रोपाई होता है क्योंकि खेतों में पानी की मात्रा अधिक होता है ताकी फसल अच्छे प्रकार सेे हो  सकेे ,

बादल का घन छाया , लोगों को राहत मिला

श्रावण के दिनों में  वर्षा का आगमन होते ही,खेतों में नीर की परख दिखने लगता है और खेतों में फसलें लहरा जाता है 
हरियाली से खेतों की शृंगार की झलक नजर आ जाता है 
और मनुष्य के मन को भाता है इसलिए मन को शांति ओर ह्रदय में साहस रखते है लोग

सच में,पेड़ हमारे जीवन का आधार है

पेड़ मनुष्य के जीवन के लिए महत्वपूर्ण साधन है
सभी जरूरत की चीजें पेड़ो ही प्राप्त करते है,जीवन को स्वच्छ हवा प्रदान करता है,और प्रदुषित हवा को ग्रहण करता है जिसके कारण वातावरण में शीतल बना रहे,दिन पर दिन यातायात का साधन अधिक हो रहा है,ओर पेड़ो की कटाई जारी है,दिन पर दिन बढ़ता रहा है परन्तु कोई भी रोकने के लिए तैयार नही अगर ऐसा ही चलता रहा तो ,अकाल मृत्यु निश्चित है,शहरों में पेड़ो की संख्या कम हो रहा है ,जिसके कारण जीवन जीना कठिन हो रहा है

शहर भी प्रदुषित हो चुका है

शहर में वातावरण काफी अधिक मात्रा में खराब हो चुका है
समय के साथ यातायात भी अधिक बढ़ गया है जिसके कारण लोग ग्रस्त रहे और वातावरण भी खराब हो चुका है जीवन जीना काफी मुश्किल हो गया है तरह-तरह की बिमारी भी पैदा हो गया इसीलिए लोग बिमारी से पीड़ित है

प्राचीन काल में पेड़ की उपासना किया जाता था

प्रमाणित माना जाता है की प्राचीन काल में पेड़ की उपासना करते थे लोग क्योंकि उनकों प्राकृतिक शक्तियों से प्रेम था और आपने खाने की चीजें भी प्राकृतिक से प्राप्त करते जिसके कारण उनका जीवन शैली चलता-रहता था भारत के क्षेत्र  में कई जगहों पर प्राकृतिक चिजों की उपासना की जाती है

पेड़ो की संख्या दिन पर दिन कम होते जा रही है

भारत के क्षेत्र में विकास के साथ पेड़ों की भी संख्या कम होता जा रहा है जिसके कारण मौसम में भी परिवर्तन हो गया है समय पर बरसात ना होना अधिक गर्मी पड़ना,जिसके कारण लोगों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है भारत में सरकार ने कई प्रकार की वनरक्षक भी चालू कर दिया है जिसके कारण अधिक से अधिक वन कटने से रोका जाये और भारत देश हरा-भरा रहे भारत के कई राज्यों में 
 प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ देश

शहर में वातावरण 

शहरो में पेड़ों की संख्या एकदम बहुत कम है जिसके कारण लोगों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं क्योंकि वहाँ का वातावरण बिलकुल खराब हो चुका है जिसके कारण लोगों काफी ज्यादा ग्रस्त रहे है ह्रदय की बिमारी भी उत्पन्न हो जाता है अगर शहरों में देगा जाये तो विकास के साथ निकास भी काफी ज्यादा है एख बात और है शहरों में ज्यादा यातायात के साधन भी अधिक है जिसके कारण लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है कई जगहों पर तो अधिक लोगो की ह्रदय की बिमारी है जिसके कारण लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं

रचयिता:रामअवध


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