गाँव के अन्दर

                         भारत का सौंदर्य

कई वर्षो बाद गाँव में आया हूँ
 गाँव के अन्दर अभी-भी प्राकृतिक सौंदर्य की झलक देखा मैंने हरे-भरे खेत देखने को मिले ,मानों ऐसा लग रहा था
की प्राकृतिक सौंदर्य से काफी गहरा नाता हो,ऐसा लगने-लगा

  गाँव में प्रवेश करते ही याद आ गया बचपन का

बचपन में काफी पल बीते है गाँव के अन्दर में,कुछ पल के लिए आते ही,याद आ गया बीते हुए पल की ,सच में उन दिनों के वातावरण में खुशियों के बहार थे,जहाँ पर मिल-जुल कर रहते थे लोग,समय के साथ लोगों के अन्दर भी परिवर्तन की भावना प्रकट होने लगा,जिसे तनाव की भावना प्रकट होने लगा,सब लोग भुल चुके है की अंत समय में ,धरती में ही एक मात्र सहायता बनेगी जहाँ पर सभी को वास करना ,तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है फिर भी आपस में लड़कर रहना काफी दुखी की बात है


  गाँव वही है लोग बदल रहे है

प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ,यह गाँव आज भी वही पलों की याद करवाता है जो उस समय के सुकुन के पल थे
दिन-प्रतिदिन लोगों के अन्दर बदलाव की भावना आ रहा है
अब वह लोग नही रहे ,जो आपस में मिलजुल कर रहते थे
यहाँ तो जमीन के चक्रर में सारे नाते तोड़ देते है
मुझे भी यही बात का दुख रहता है,एक ना एक दिन सभी को मृत्यु को प्राप्त होना है,फिर भी जमीन के लालच में पड़ जाते है लोग, समझ लो की लोग भी किसी दानव से कम नही है
समय के साथ गाँव के अन्दर भी परिवर्तन आ गया है
किसी से कोई मतलब भी नही रखते है सब अपना स्वार्थ देखते है और आपने में ही जीते है ,उन दिनों हमारे पुर्वज कई गाँवों से नाता जोड़ लेते थे,आज-कल के लोग तो आपस के नाते भी नही निवाह सकते,ऐसा हो गया है गाँव,गाँव में धीरे-धीरे विकाश हो रहा है परन्तु विनाश भी हो रहा है समाज के अन्दर भी काफी परिवर्तन देखा ,मैंने कुछ पल के लिए सही बस कुछ समय गया हूँ गाँव तो वही लोगों के अन्दर तनावतथा घृणा की भावना आने लगा ,आपने ही नाते ,नही निवाह पाते है लोग

गाँव में लोगों की संख्या

गाँव में आज भी लोगों की संख्या कम है इसका कारण है की गाँल के अधिकतर लोग शहरों में ही रहते है कभी-कभी गाँव में आते है और अपने परिवार से भी मुलाकात कर लेते है जिसके कारण लोगों को भी शांति मिलता है 

भारत में कई राज्य के लोग गाँव जोड़कर,शहर जाते है

कई राज्यों के लोग गाँव जोड़कर कर शहर की ओर रवाना होती है इसका कारण है की कई राज्यों में गरीबी के कारण लोग आपने गाँव को छोड़ कर शहर की तरह चल जाते और आर्थिक क्रिया में काफी मेहनत करते है जो पैसा खर्च करने से बचता है उसे गाँव में आपने माता-पिता को भेज देते है उन पैसे उनके माता-पिता की जीवन शैली में काम आता है ,जिसके कारण आर्थिक समस्या उत्पन्न नही होता है

गाँव का वातावरण 

गाँव का वातावरण आज भी स्वच्छ है क्योंकि खेतों से निकलती हवा एकदम स्वच्छ हवा होता है और समय-समय पर खेतों में फसल की पैदावार करना जिसके कारण भी हवा स्वच्छ हो जाता है सबसे पहली बात यह भी है की गाँव में यात्रा  के साधन बहुत कम है जिसके कारण प्रदुषण की मात्रा बिलकुल कम हो जाता है अगर आप खेतों में बैठते हो तो आपको एकदम स्वच्छ हवा मैदान भागों की तरह महसुस लगने लगेगा 

गाँव में पेड़ो की संख्या भी अधिक होता है

 गाँव में पेड़ो की संख्या अधिक होता है जिसके कारण वातावरण भी शीतल रहता है तरह-तरह के पेड़ भी देखनो को मिलेगें आपको ,तरह-तरह की पक्षियों का भी आगमन होता है  गाँव में आते ही शीतल हवाओ का एहसास होने लगेगा 
और आपका मन की भी शांति मिलता है गाँव में आज भी कई क्षेत्रों में जमीन की मात्रा अधिक है जिसके कारण, खुले खेत आपकों देखने को मिलते है

गाँव के लोगों की कार्य

गाँव के लोग प्रतिदिन काम करने के लिए खेतों में ही काम करते है जिसके कारण उनकी आर्थिक क्रिया चलता है खेत ही उनका सब कुछ का साधन है खेत के दौरान ही उनकी जीवन शैली चलता है जिसके कारण वह जीवित है क्योंकि खेत ना होने पर फसल की पैदावार कहाँ से होगा और अनाज भी नही हो पायेगा 

हर मौसम में फसल बौये़ जाते है

गाँव में हर मौसम फसल की खेती की जाती है जिसके कारण अनाज की पैदावार अधिक होता है ओर आपने कार्य में ही लगे रहते यही गाँव की जीवन शैली चलता रहता है जिसके कारण अनाज की पैदावार अधिक हो जाता है और अच्छे तरीके से पैदावार हो जाता है

रचयिता:रामअवध


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