ताड़ के पेड़ हमेशा ऊँचे दिखोगे

ताड़ का पेड़ हमेशा आपको ऊँचे नज़र  आयेगा

बिहार में ताड़ के पेड़ की संख्या अधिक होती है
ताड़ के पेड़ हमेशा खेतों के बिच में नही पाया जाता है 
खेतों के आरी पर पाया पाया जाता है ,ताड़ के पेड़ लम्बा होता है तथा इसके पत्ते काफी चौड़ा होता है यह पेड़ों तक सीमित नही है क्योंकि यह पेड़ फल भी देता है

ताड़ के पेड़ की महत्व बात है

ताड़ का पेड़ से मंजर भी उगता है, जो ताड़ के पेड़ पर चढ़ते है उन्हे पषियाँ कहा जाता है तथा उस मंजर को आगे से हल्का काटकर घड़ा का आकार एक मिट्टी का प्याऊँ होता है उसे जहाँ से मंजर को काटा गया था उसी जगह पर बाँध दिया जाता है मंजर की कटी हुई जगह पर बूँद-बूँद सोमरस टपकता है जो मिट्टी के आकार का प्याऊँ होता है एक दिन बाद  मिट्टी का घड़ा भर जाता है लोग उसे पीते है और पीने के बाद नशा भी होता है और फदयेमंद भी होता है शरीर के लिए ,अगर अधिक मात्रा  में सेवन करने से शरीर पर भी प्रभाव पड़ता है
इसीलिए गाँव के लोग कम मात्रा में सेवन करते है

ताड़ के फल

ताड़ के पर फल होता है उसका एकदम गोला होता है तथा काले ,हल्के पिला होता है फल एक ही गुच्छे में होता है एकदम नारियल के आकार होता है उसमें सफेद तरह के आँख की तरह फल होता है लोग उसके फल के रूप में स्वीकार करते है 

ताड़ के पेड़

ताड़ के पेड़ हमेशा लम्बे आकार होता है ओर जिसमें शाखाएँ नही होता है इसके पत्ते काफी चौड़ा होता है अगर ताड़ के पत्ते सुखने पर कई तरह बिच्छू भी मिलता है इसलिए लोग बड़े ध्यानपुर्वक काम करते है ताड़ के पेड़ पर,कई डर भी रहता है की गिर ना जायें

ताड़ पेड़ से सोमरस की तरह  नशा 

ताड़ के पेड़ से पेयरस भी निकालता है लोग उसे काफी ज्यादा भी पी जाते है इसके पीने नशा भी लग जाता है और लोगों की मस्तिष्क में भी दर्द होता है काफी समय तक नशा भी लगा रहता है 

नुक्सान

गाँव के लोगों ने पेयरस पी कर नशे में चुर होकर परिवार से भी झगड़ा कर लेते है आपने भी होश करवा देते है ऐसा कहा जाता है की कम मात्रा में सेवन करने से फायदेमंद करता हैलेकिन लोग तो अधिक मात्रा  में सेवन कर लेते है जिसके कारण अधिक नशा होने आपने-आपको ही भुल जाते है कुछ समय के लिए नशे मे ही चुर हो जाते है 

फायदेमंद

ताड़ के पेड़ से जो रस बनता वह भी फायदेमंद मन होता क्योंकि पेड़ का रस होता है इसलिए उसे पीने पर पाचन क्रिया भी सही तरीके से स्वच्छ हो जाता है अगर आप सुबह के समय ताड़ के पेड़ का रस पीते हो तो काफी ज्यादा फायदेमंद होता है सुबह की रस हमेशा स्वच्छ होता कोई भी उसे पीता है तो पाचन क्रिया बिलकुल स्वच्छ हो जाता है 

रचयिता:रामअवध

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