किसी ने कहा

*कविता*किसी ने कहा

किसी ने कहा,

चाँद बड़ा प्यारा है
जग कितना न्यारा है
मैं उसके लिए गरीब हूँ
पर उसके करीब हूँ

चेहरा दिखाया करती थी
ऐसा प्रमाण बताया करती थी

जिंदगी के हर पल में साथ रहूँगी
जीवन के हर मोड़ पर साथ जुडू़गी
खुशियाँ साथ लेकर आऊँगी
जीवन की शुरुआत करूँगी

मुझे सुनाया करती थी
सुझाव बताया करती थी
चाहत कुछ ऐसी थी
जीवन बस जाये कुछ ऐसी थी

हँस-हँस कर बोला करती थी
बड़ा प्यार दिखाया करती थी
अपने-आप बुलाया करती थी
रात में चाँद दिखाया करती थी

रंगों का रंग पुछा करती थी
वस्त्रों में रंगीन होकर आया करती थी
प्यार से मुस्कान दिखाया करती थी
अपनी आँखे, आँखे से मिलाया करती थी

किसी के सहारे ,हम  भी जिया करते थे
हमारा भी प्यार था,हम भी इक़रार करते थे
समय के साथ बदल गई
लोगों के साथ ढल गई

कुछ महिनों का प्यार था
कुछ दिनों का इज़हार था
अचानक एक ख्याल आया
उसके लिए एक दिलदार आया

रचयिता:रामअवध



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