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जीवन जीओ,तमन्ना बनाकर दिखाओ

*कविता*

लाखों कामा रहे है,लोग
जीवन नही जी पा रहे है,लोग
प्रेम को त्याग रहे है,लोग
क्रोध को पुकार रहे है, लोग

क्रोध को बाहर मत निकालो
लालच को अच्छा मत बताओ
खुशियों के पल को मत भागाओ
जीवन को गलत दिशा में मत ले जाओ

कहाँ?भागते हो,जीवन से
कहाँ? जाओगें ,अपने भाग्य से
विपत्ति से क्यों? भागते हो
उस वक्त ठहरते क्यों? नही हो
वक्त से लड़ते क्यों? नही हो
अपना साहस बनाते क्यो? नही हो

जीवन बड़ा ही सरल है
देश बड़ा ही  सफल है
ये धरती बड़ा ही सुन्दर है
ये नदियाँ बड़ा ही सादर है

ये वन बड़ा ही स्वर्ग है
ये कुदरत बड़ा ही संवर्ग है
ये प्रेम बड़ा ही भावुक है
ये पल बड़ा ही तालुक है

लाखों कामाओ,जीवन भी जीकर दिखाओ
क्रोध मत लाओ,उसे शांत करके दिखाओ
लालच मत रखो,उसे जीवन से हटाओ
प्यार का कण रखो,विशाल बनाकर दिखाओ
कुदरत से नाता मत छोड़ो,उसे जोड़कर दिखाओ

हत्याचार मत करो,उसे रोककर दिखाओ
नारी को मत सताओ,उसे बचाकर दिखाओ
माँ प्यार का मत छोड़ो,उसे अमर रखकर दिखाओ
ये जहान को मत भुलो,इसे स्वर्ग बनाकर दिखाओ

रचयिता:रामअवध


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