वक्त भी कुछ सीखा कर जाती है

*कविता*

ये वक्त सब कुछ लुटकर चला गया
मुझे कुछ समझाकर निकल गया
ये वक्त का दर्पण मुझे दिखा गया
मुझे नये वक्त में छोड़कर चला गया

लोगों ने मुझे धोका दिया
वक्त ने मुझे मौका दिया
लोगों ने मुझे रोक दिया
मेहनत ने मुझे जोड़ दिया

वक्त भी कुछ सीखाती है
लोगों की पहचान भी बताती है
वक्त के आगे इम्तिहान भी लेती है
वही समय इंसानियत भी दिखाती है

वक्त भी लोगों को पहचानती है
उन्हीं के वक्त में उन्हें झुकाती है
वक्त आने पर उन्हीं को बताती है
लोगों की रफ्तार भी दिखाती है

ये हवा भी कुछ कहकर जाती है
सामने होने पर ऐहसास दिखाती है
वक्त के साथ घुमकर दिखाती है 
मौसम में रंग बदलकर दिखाती है
दी गयी मिट्टी का ऐहसास दिखाती है


रचयिता:रामअवध



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