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देश आज भी आज़ाद नही है ,लोग आज भी बेईमान


*कविता*

देश में आज भी बेईमान लोग है
समाज आज भी अनजान लोग है
देश में आज भी परेशान लोग है
भ्रष्टाचार में आज भी महान लोग है
भारत में आज भी नादान लोग है
दुनिया आज भी शैतान लोग है

इंसानियत में आज भी पहचान नही है
दिल आज भी बेईमान नही है
धरती आज भी बेजान नही
प्रेम में आज भी इम्तिहान नही है

जग की हालात आज भी ठीक नही है
खुले में आज भी लोग जीते नही है
सच्चाई में आज भी लोग रहते नही है
संसार में आज भी लोग आज़ाद नही है

समय आज भी बेहाल है
संसार आज भी निहाल है
हम सब आज भी गुलाब है
लोग आज भी नवाब है

आज़ादी हमें आज भी नही मिला
देश आज भी आज़ाद नही मिला
देश में दलाली आज भी चलती है
भारत आज भी झुका हुआ लगती है

 नेता आज भी साफ नही है
जिंदगी उनकी हाफ नहीं है
भ्रष्टाचार के खिलाफ  है
देश में उनकी माफी नहीं है

रचयिता:रामअवध

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