दिल बोलता है ,मन ढोलता है

*कविता*

मन को तड़पते देखा
जीवन में रहते देखा
दिल में रहते देखा
आँसू को बहते देखा
प्यार में रहते देखा
जिंदगी को सिखाते देखा
दुख-सुख में रहते देखा

दूर चली गयी,प्रेम का सागर ले गयी
दिल में बस गयी,उसी को ले गयी

 प्रेम की सागर में लहर उठी
तुफान की लहर में जाग उठी
ह्रदय की सीमा में ठहर उठी
दिल चुराकर आसमान में बैठी

प्रेम की जिंदगी सफल नही हुई
दिल में कभी अकल नही हुई
ये रात कभी चाँदनी नही हुई
ये दिल कभी दीवानी नही हुई

प्यार की तड़प मौत होती है
प्यार के करीब नोट नही होती हैं
जीवन में कभी मौन नही होती हैं
हर दिल में कभी टोन नही होती है

रचयिता:रामअवध


0 Comments