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सही सोच सही इंसान देखा होगा

*कविता*

चाँद की सुन्दरता,ये जहान देखता होगा
अंधेरा का उजाला,ये इंसान देखता होगा
रब की दुआ में,ये संसार झुकता होगा
ईश्वर को पहचाने में,ये नर  चुकता होगा

खुद की शक्ति,ये रब देता होगा
कुदरत के आगे,ये तब देता होगा?
साहस का तंत्र,ये रब  देता होगा
शक्ति का मंत्र,ये रब देता होगा
हम परख ना पाये ये कब? देता होगा

ज़िंदगी भी,ये रब देता होगा
शक्ति भी ब्राह्मण में, अब भी होगा
सुन्दर संसार तब ?हुआ होगा
रब तेरा नाम तब? जुड़ा होगा

संसार अब भूला होगा
संसार अब झुला होगा
संसार अब जुदा होगा
संसार अब खुदा होगा
इंसानियत अब ज़िंदा होगा

दूसरों की चापलूसी कभी सफल नही होती
दूसरों पर जीवन कभी निर्भर नही होती
शोर-मचा कर भी कुछ कर नही सकते
ज़िंदगी में झुक कर भी रह नही सकते

रचयिता:रामअवध



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