वसंत पंचमी का आना

*कविता*

वसंत का आना
ऋतुएँ का ठहर जाना
सरसों का खिलना
मंजर का हिलना

मौसम का खुलना
पत्तों का झुलना
पवन का चलना
सूरज का दिखना

फसलों का खिलना
सुहाने मौसम का होना
दिल का बसना
सूरज का चमकना

नये पत्ते का खिलना
आसमानों का झुलना
बादल का हटना
ओस  का चमकना
फसलों पर होना

त्योहारों का आना
खुशियों का दीवाना

चिड़ियों का उड़ना
पवन में खिलना
ज़िंदगी में खुलना
खुशियों में रहना
मौसम में बसना

रचयिता:रामअवध


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