future

क्या? लिखूँ,क्या? करुँ

*कविता*

खाली मन अब विराना हुआ
तन्हाई दिल अब रवाना हुआ
रातों की नींद अब दीवाना हुआ
ये शहर अब परवाना हुआ
ये जिंदगी अब डरावना हुआ

संसार अब मुझे दर्पण में दिखा
इंसान अब मुझे अर्पण में दिखा
ये नाग मुझे फण में दिखा
ये रक्त मुझे रण में दिखा

समय कुछ ना कुछ दिखा जाती है
लोगों को कुछ ना कुछ बता जाती है
कुछ लोग समझ जाते है इन बातों को
समय के पहले सुधार लेते इन कामों को

सुधार लो अपनी वाणी को
समझ लो अपनी कहानी को
दिखा दो अपनी जवानी को
देश को दे दो अपनी प्राण को
लिख दो देश की कहानी को

देश के नाम लिख दो अपनी कहानी को

संघर्ष की परिभाषा लिखो
देश की उन्नति लिखो
इंसान की संघर्ष देखो
किसान की अभिलाषा लिखो

रचयिता:रामअवध

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