कोरोना वायरस

*कविता*

*Coronavirus Poem in hindi*


लू की शुरुआत होयेगी
कारोना की विनाश होयेगी
डरने की कोई बात नही होगी
भयभीत भरी कोई रात नही होगी

हिम्मत सबका बाँध कर रखना है
धैर्य सबका संभाल कर रखना है
कोरोना अपने-आप भाग जायेगा
भयभीत मन सबका टूट जायेगा

घबराये जा रहे है लोग
डराये जा रहे है लोगों को

डर-डर के साँस ले रहे है लोग
अपने-आप छुपे जा रहे है लोग
झूठी खाँसी पर भाग रहे है लोग
कोरोना से डर-डर जी रहे है लोग

मानो तो मानो किसकी माने?
साहस से रुकी बाते किसकी जाने?
कोरोना से भयभीत होकर मत डरो
छोटी सी ज़िंदगी में हिम्मत दिखाकर रखो

डर कर कभी मत जीओ
संपर्क में आकर मत रोओ

जग में मानव डगमगाया है
हिम्मत-धैर्य को भागाया है
भयभीत से मन लोगो का जगमगाये
डरकर लोगों का मन व्याकुल हो गये

जिंदगी में किसकों है रोना
कोरोना के सामने है धोना
आयी संकट की बारी
हिम्मत दिखाकर जी मेरे भाई

कोरोना को भागना है
कोरोना से ना गबराना है

रचयिता:रामअवध



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