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कोरोना ने विभाजन कर दिया,मानव का

*कविता*कोरोना ने विभाजन कर दिया,मानव का

अब इंसानियत को जागा देना
पैदल चले लोगों को खाना खिला देना
भूखे पेट किसी को सुला मत देना
मृत्यु के आगे झुका मत देना
इंसानियत को पीछे हटा मत लेना

कोई गरीब भूखा मर ना जाये
भूखों को खाना खिला कर जाये
इंसानियत अपनी बना कर जाये
लोगों का भूख मिटा कर जाये

संकट के इस दिन को याद रखना
गाँव चले लोगों की फ़रियाद रखना
ज़िंदगी के संकट में ऐसा काम करना
सभी का दुखों को ध्यान से देखना

विभाजन के दिन याद आयी मुझे
बेसहारा लोगों की फ़रियाद आयी मुझे
वायरस ने ऐसी रात दिखाई मुझे
लोगों की कहानी सुना दी मुझे

चलते-चलते नयनों से आँसू गिरा दिये
घर की सोच मे,अपनी राहत गवा दिये
पटरी पर कदम पर कदम चला दिये
पटरी के सहारे अपने घर दिखा दिये

रचयिता:रामअवध



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