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शांत बैठा दिल,प्यार करने चला

*कविता*

दिन गहरी सोच डूबूँगा तुम्हारी यादो में
प्यार की लिख दूँगा तुम्हारी सारी बातों में
उसी दिन लिख दूँगा प्यारी वाली बातों में
हर पर याद रखूँगा,तुम्हारी पलको की मुस्कान में

चाहत की तमन्ना तुम्हारे ही ख़्वाब में रखूँगा
पलकों की चाहत तुम्हारे ही इकरार में रखूँगा
तुम्हारी चाहत में,मैं अपना जीवन सजाकर रखूँगा
तुम्हारी यादों में,मैं अपना इतिहास बना रखूँगा

खोलूँगा ये दिल तुम्हारे ही ख्याल में
हर तरफ रहूँगा तुम्हारे ही याद में
राहत रखूँगा तुम्हारे ही प्यार में
खुद को जोड़ दूँगा,तुम्हारे ही रंग में

 नयनों की पलको में तुम्हारी परछाई दिखती है
ख्वाबों की बरसात में तुम्हारी अच्छाई दिखती है

सुरीली सी आवाज़ मेरे दिल समा गयी
वही आवाज की परख मेरे दिल में बना गयी
जिंदगी की तन्हाई तुम्हारी यादों घटा गयी
जिंदगी की तमन्ना तुम्हारी यादों में बसा गयी

ये हवाओं का बवंडर मेरे दिल में चला
शांत बैठा ये दिल आज प्यार करने चला
खूब लड़ा तन्हाई में,आज शहनाई बनने चला
आज के दिन में ये प्यार करने चला

देखता हूँ,तुम्हें ही यादों की नज़रिये से
वक्त खोता हूँ,तुम्हें ही ख्यालों की नज़रिये से

रचयिता:रामअवध

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