ये वक्त है

*कविता*ये वक्त है

ये पल लौटकर नही आयेंगे
ज़माने के दृश्य बदल जायेगें
अपना भी समय आयेगा
वक्त के साथ रंग भी आयेगा

वह पल भी हसीन होगा
यादें अब बड़ा नसीब होगा
कहने को बड़ा तकलीफ होगा
कहने को बड़ा नसीब होगा

चमकता हुआ बरसात होगा
दमकता हुआ फुरसत होगा
वक्त अपना ही राज होगा
ज़िंदगी उसके साथ होगा

वक्त भी एक दिन लाता है
यादों को वही छोड़ जाता है
ज़िंदगी हमारी बना जाता है
वह पल लौट ना ही आता है

कुछ पल वक्त पर छोड़ी जाती है
कहानी उसी पर लिखी जाती है
यादों की बरसात उसी रखी जाती है
कहने को सब कुछ वक्त ही कही जाती है

रचयिता:रामअवध




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